मौलाना अबुल कलाम आज़ाद Maulana Abul Kalam Azad Biography in Hindi

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मौलाना अबुल कलाम आज़ाद Maulana Abul Kalam Azad Biography in Hindi

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद का भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण एवं अहम योगदान रहा| आपका पूरा नाम अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन था| वह एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान एवं राष्ट्रीय मुस्लिम नेता थे|

Life History and Biography of Maulana Abul Kalam Azad in Hindi-

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद का जन्म मक्का में 11 नवंबर, 1888 ईस्वी में हुआ था| ‘आज़ाद’ आप का उपनाम था| मौलाना जी के पूर्वज अफग़ान उलेमा थे जोकि मुग़ल बादशाह बाबर के समय में हेरात से भारत आए थे। आपके पिता का नाम मौलाना खैरूद्दीन हिजाज था और वे अरबी के विद्वान थे| आपकी माता का नाम आलिया बेगम था और वह मदीना के मुफ़्ती की बेटी थी| आपका जन्म अरब के पवित्र शहर मक्का में हुआ था| 11 वर्ष की अल्पायु में ही आजाद की मां की मृत्यु हो गयी थी| आजाद की आरंभिक शिक्षा इस्लामी तौर तरीकों से सम्पान हुई। प्रारम्भिक समय में या तो घर पर या मस्ज़िद में आपको आपके पिता तथा बाद में अन्य विद्वानों ने पढ़ाया। इस्लामी शिक्षा के साथ साथ आपने इतिहास, दर्शनशास्त्र एवं गणित की शिक्षा भी प्राप्त की। तथा आपने उर्दू, हिन्दी, फ़ारसी, अरबी तथा अंग्रेजी़ भाषाओं में महारथ हासिल की। तेरह साल की आयु में मौलाना आज़ाद का विवाह ज़ुलैखा बेग़म से हो गया।

Maulana Abul Kalam Azad Biography Hindi-

पूरा नाममोहिउद्दीन अहमद खैरुद्दीन बख्क्त
जन्म11 नवंबर 1888
जन्मस्थानमक्का
पिता का नाममौलाना खैरुद्दीन
माता का नामआलियाबेगम
मृत्यु22 फरवरी 1958
पुरस्कारभारतरत्न

 

Maulana Abul Kalam Azad biography history essay in hindi

More History of Maulana Abul Kalam Azad Hindi-

आपने मुस्लिम लीग की नीतियों का विरोध करते हुए भारतीय मुसलमानों को राष्ट्रीय धारा से जोड़ने का अथक प्रयास किया| आजाद ने ब्रिटिश हुकूमत को भारत के आम आदमी के शोषण के लिए जिम्मेवार ठहराया और आपने अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” की नीति का घोर विरोध भी किया| सन 1905 में जहाँ एक ओर अन्य मुस्लिम नेता बंगाल विभाजन का समर्थन कर रहे थे वहीँ आजाद ने बंगाल के विभाजन का विरोध किया|

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भारतीय मुसलमानों को जागृत करने के लिए आपने अह हिलाल नामक उर्दू पत्र का प्रकाशन किया जो मुसलमानों में अत्यधिक लोकप्रिय हुआ| 1984 में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के आपसी समझौते में आप का महत्वपूर्ण योगदान रहा| आपने असहयोग आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया जिसके फलस्वरूप आपको 1 वर्ष की जेल की यात्रा भी करनी पड़ी| 1923 ईस्वी में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को कांग्रेस अधिवेशन का अध्यक्ष चुना गया| 1930 ईस्वी में जब महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया तो आपने उसमें एक सक्रिय एवं अहम भूमिका निभाई| सन 1940 से 1946 ईस्वी तक आप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में सभापति रहे, इसी दौरान दौरान भारत छोड़ो आन्दोलन हुआ था।| 1947 ईस्वी की अंतरिम सरकार में शिक्षा मंत्री बने, और आपने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना की, यह कार्य आपके द्वारा किये गए कार्यों में बहुत ही प्रमुख एवं अविस्मरणीय था। स्वतंत्र भारत में 1958 ईस्वी तक अबुल कलाम लगातार शिक्षा मंत्री के पद पर आसीन रहे और 22 फरवरी 1958 ईस्वी को आपकी मृत्यु हो गई| आपने एक पुस्तक इंडिया विंस फ्रीडम लिखी जो कि काफी विवादास्पद रही इसके साथ ही साथ आपने मुस्लिम अध्यात्मवाद पर कई सारी पुस्तकें लिखी|

मौलान अबुल कलाम आजाद जी को सन 1992 में मरणोपरान्त ‘भारत रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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