Bharat ka naam india kaise pada in hindi

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Bharat ka naam india kaise pada in hindi

Bharat desh ke kitne naam hai-
भारतवर्ष का इतिहास बहुत ही पुराना है, और इसके लंबे इतिहास के साथ-साथ इसके नामों की सूची भी बहुत लंबी है| प्राचीन काल में, भारत को अलग-अलग युगों और समाजों में कई अलग-अलग नामों से जाना जाता था| हम में से बहुत सारे लोग भारत को “भारत” या “India” के नाम से जानते हैं। इसके अतिरिक्त भारत के नामों में “भारतवर्ष” और “आर्यावर्त” का नाम आता है| लेकिन यदि हम यह कहे कि भारत को 20 से अधिक नामों से पुकारा जाता है, तो यह कोई अतिशयोक्ति ना होगी| भारतवर्ष का क्षेत्र बहुत ही विशाल था, और इस क्षेत्र में वर्तमान समय के पाकिस्तान, उज्वेकिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान, उत्तर-पश्चिम तिब्बत, नेपाल और बांग्लादेश सम्मिलित थे | इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि भारत को कितने नाम से जाना जाता है?

भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा?

Bharat ka naam india kaise pada- भारत देश का अंग्रेजी नाम इंडिया है, जबकि भारत नाम भारतीय है। ‘India’ नाम का उदय ‘इंडस’ नाम के शब्द से हुआ है जिसकी उत्पत्ति पुराने फारसी शब्द ‘हिन्दुस्’ से हुई है | भारत को इंडिया का नाम सिंधु नदी के कारण मिला है, इसका कारण यह है कि सिंधु नदी का दूसरा नाम इंडस वैली (indus valley) भी था| Indus शब्द बाद में परिवर्तित होकर इंडिया बन गया|

भारत के कितने नाम है?-

भारत को भारतवर्ष, भारतखण्ड, ‘जम्बूद्वीप’, आर्यावर्त, हिन्दुस्तान, हिन्द आदि अन्य नामों से भी जाना जाता है परंतु भारत के 5 नाम ऐसे हैं जिनका प्रयोग ज्यादातर किया जाता है|

Bharat ke 5 naam-

  1. भारत
  2. इंडिया
  3. हिंदुस्तान
  4. भारतवर्ष और
  5. आर्यावर्त

भारत के यह 5 नाम ऐसे हैं जिनका प्रयोग बहुत ज्यादा किया जाता है| इन नामों में भी भारत, इंडिया और हिंदुस्तान प्रायः हर जगह प्रयोग में लाया जाता है|

Bharat ka naam india kaise pada in hindi

भारत देश का नाम ‘भारत’ कैसे पड़ा?

भारत का नाम भारत कैसे पड़ा इस प्रश्न पर अनेक विद्वानों ने अपने अलग-अलग मत प्रस्तुत किए हैं|

कुछ विद्वानों का मत है की भारत को भारतवर्ष नाम, राजा भरत चक्रवर्ती के नाम पर दिया गया था| राजा भरत, क्षत्रिय वर्ण के वंशज कौरवों और पांडवों के पूर्वज तथा भरत राजवंश के संस्थापक थे| ऐसा माना जाता है कि भरत ने संपूर्ण भारत के साम्राज्यों को जीतकर उन पर अपना अधिकार कर लिया था| इन साम्राज्यों को उन्होंने संगठित करके उसे भारतवर्ष का नाम दिया| इसके अतिरिक्त ऋग्वेद के अनुसार पुरातन काल में पंजाब में रावी नदी पर 10 राजाओं का युद्ध हुआ था और इस युद्ध में राजा सुदास में उन 10 राजाओं के महासंघ को पराजित करके अपना विजय परचम लहराया था| इस विजय के बाद उस साम्राज्य के लोग अपने आप को भारत जनजाति के रूप में प्रस्तुत करने लगे और आगे चलकर यह क्षेत्र भारतवर्ष के नाम से प्रसिद्ध हुआ| इसके अतिरिक्त कुछ अन्य विद्वानों एवं जैन धर्म की मान्यताओं के अनुसार इंडिया का असली नाम भारत है| जैन धर्म के पहले तीर्थंकर ऋषभदेव के सबसे बड़े पुत्र का नाम सम्राट भरत चक्रवर्ती था और उन्हीं के नाम पर भारत का नाम भारत पड़ा|

भारत के कुछ अन्य नाम-

जम्बूद्वीप
जम्बूद्वीप भारत का प्राचीन नाम है, जिसका शाब्दिक अर्थ “जंबू वृक्षों की भूमि” होता है।

नाभिवर्षा
कुछ जैन ग्रंथों के अनुसार भारत का प्राचीन नाम नाभिवर्षा था| नाभि एक चक्रवर्ती राजा थे जो कि पहले जैन तीर्थंकर ऋषभ नाथ के पिता थे| इसके अतिरिक्त हिंदू ग्रंथों के अनुसार नाभि का अर्थ होता है “ब्रह्मा की नाभि”| और वर्षा का अर्थ होता है देश| इस तरह से इन दोनों को मिलाकर नाभि वर्षा भारत देश का ही एक नाम है|

Hind
हिंद नाम सिंध एक विकृत रूप है| क्योंकि भारत के लोग “स” शब्द को “ह” शब्द से पुकारते थे इस वजह से सिंध का नाम हिंद पड़ गया|

हिंदुस्तान-
भारत के नाम में हिंदुस्तान का नाम बहुत ही महत्वपूर्ण एवं अग्रणी है| हिंदुस्तान का अर्थ होता है “हिंदुओं का स्थान|”

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