Thomas Alva Edison Biography in Hindi थॉमस एडिसन

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Thomas Alva Edison Biography in Hindi थॉमस एडिसन

Thomas Alva Edison in Hindi

यह कहा गया है कि आधुनिक दुनिया बनाने के लिए थॉमस एडिसन किसी और व्यक्ति की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है| उन्होंने अपने जीवन काल में कई ऐसे अविष्कार किए जिन्होंने दुनिया की दशा और दिशा को बदल दिया| परंतु क्या आप जानते हैं कि जिस प्रतिभा ने दुनिया को कई अविष्कार दिए वह बचपन में और बच्चों की तुलना में कमजोर थे| वह नाम कोई और नहीं थॉमस अल्वा एडिसन है| थॉमस अल्वा एडिसन 4 साल की उम्र तक अच्छे तरीके से बात भी नहीं कर पाते थे|

Thomas Alva Edison Biography in Hindi

थॉमस अल्वा एडिसन का जन्म 11 फरवरी 1847 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था| उनका जन्म ओहियो के एक बंदरगाह में हुआ था| एडिशन के पिता का नाम सैमुअल और माता का नाम नैंसी था| वह अपने माता पिता की 7 संतानों में सबसे छोटे थे|
जब एडिसन की उम्र मात्र 7 साल की थी तब उनके माता पिता मिशिगन के पोर्ट ह्यूरन चले गए जहाँ उनके पिता ने लकड़ी के व्यवसाय में काम करना प्रारंभ किया|।

शुरुआती वर्षों में, थॉमस एडिसन का स्वास्थ्य खराब रहता था, और इससे स्कूल में उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई। उनके स्कूल के अध्यापकों ने दावा किया कि एडिसन मंदबुद्धि बालक है और वह अच्छे से पढ़ लिख नहीं सकता है| इस बात को सुनकर उनकी मां को बहुत दुख पहुंचा और उन्होंने खुद एडिशन को पढ़ाया| कम उम्र में एडिसन ने रसायन विज्ञान के साथ साथ यांत्रिकी के प्रयोग करने में गहरी रुचि दिखाई।

1859 में थॉमस अल्वा एडिसन ने अखबार बेचने का काम शुरू किया और साथ ही साथ उन्होंने एक छोटी सी जगह में अपनी रसायन विज्ञान की छोटी सी प्रयोगशाला बनाई| इस प्रयोगशाला में उन्होंने बहुत सारे प्रयोग किए और बाद में उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे सुखद समय बताया। 1859 से लेकर 1868 तक उन्होंने कुछ और नौकरिया भी की परंतु बाद में 1868 में उन्होंने अपने प्रयोगों के लिए नौकरियों को छोड़ दिया और अपना पूरा ध्यान अपने प्रयोगों पर केंद्रित किया|

कुछ समय के बाद उन्हें एक कंपनी ने टेलीग्राफिक इंडिकेटर की मरम्मत करने के लिए बुलाया और वहां पर उन्होंने इतना अच्छा काम किया कि वहां से उनकी किस्मत बदल गई| उन्हें टेलीग्राफिक इंडिकेटर के पर्यवेक्षक के रूप में नौकरी मिल गई, और उन्हें $40000 की राशि से सम्मानित किया गया|

Thomas Alva Edison Marriage

1871 में उनकी मां की मृत्यु हो गई। यह समय थॉमस अल्वा एडिसन के लिए बहुत ही दुखद था क्योंकि वह बचपन से ही अपनी मां के बहुत करीब थे|

बाद में उसी वर्ष थॉमस एडिसन ने शादी कर ली। शादी क्रिसमस के दिन मैरी स्टिलवेल नामक एक महिला से हुई। थॉमस बहुत ज्यादा देर तक अपने प्रयोगों में व्यस्त रहते थे और यह शादी उनके लिए बहुत आसान नहीं थी| आगे चलकर इस दंपति को तीन बच्चे हुए, जिनके नाम थे- मैरियन, थॉमस जूनियर और विलियम। उन्होंने मैरियन को “डॉट” और थॉमस को “डैश” का उपनाम दिया। दुर्भाग्य से उनकी पत्नी की मृत्यु 1884 में हो गई|

1876 में थॉमस एडिसन ने न्यू जर्सी में अपनी मेनलो पार्क प्रयोगशाला खोली जिसे बाद में “इंवेंशन फैक्ट्री” कहा गया। यह वह समय था जब एडिसन ने कई सारे प्रयोग किए| उन्होंने कहा कि वह हर दस दिन में एक छोटा आविष्कार करेंगे और हर छह महीने में एक बड़ा आविष्कार दुनिया के सामने लाएंगे| ऐसा कहा जाता है कि किसी भी वक्त उनके पास 40 से अधिक प्रयोग होते थे| उस समय वह हर साल लगभग 400 पेटेंट के लिए आवेदन कर रहे थे। दुनिया ने उन्हें अविष्कारों का व्यवसाय करने वाला कहा|

1878 में, एडिसन ने उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक पर काम किया। इलेक्ट्रिक लाइट सिस्टम सिर्फ “लाइट बल्ब” से अधिक था। एडिसन ने विद्युत संयंत्रों की एक प्रणाली भी तैयार की जो विद्युत शक्ति और तारों को बनाती है जो इसे लोगों के घरों तक पहुंचाती है। और आज इसी के कारण आप उन सभी चीजों की कल्पना कर सकते हैं जिन्हें आप सिर्फ प्लग इन करते हैं|

Thomas Alva Edison Remarriage

इस दौरान, एडिसन ने पुनर्विवाह किया, इस बार विवाह मीना मिलर नाम की एक महिला से हुआ| यह शादी 24 फरवरी 1886 को हुई| इस जोड़े के तीन बच्चे थे, मेडेलीन, चार्ल्स और थियोडोर।

Thomas Alva Edison Death

1920 के दशक के दौरान, एडिसन ने अपने आविष्कारों पर काम करना जारी रखा लेकिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। नतीजतन उन्होंने अपनी पत्नी के साथ घर पर अधिक समय बिताया, हालांकि अभी भी वहां अपने प्रयोगों को जारी रखा है।

एडिसन के स्वास्थ्य में गिरावट जारी रही और वह 14 अक्टूबर 1931 को कोमा में चले गए। बताया गया है कि 18 अक्टूबर को अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले वह कोमा से बाहर आए और अपनी पत्नी से कहां- वहां सब कुछ बहुत सुंदर है|
एडिसन की मृत्यु एक आविष्कार के युग का अंत था| इससे पहले कभी भी दुनिया ने एक आदमी द्वारा किए गए इतने आविष्कार नहीं देखे थे। उनके सम्मान में कई बिजली कंपनियों और संगठनों ने अपनी रोशनी कम कर दी या शाम को अपने जनरेटर को बंद कर दिया था।

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