पौधों में अलैंगिक प्रजनन क्या है? विशेषताएं और उदाहरण

इस आर्टिकल में हम पौधों का अलैंगिक प्रजनन क्या होता है? और उसकी विशेषताओं और उदाहरण की जानकारी प्राप्त करेंगे|

पृथ्वी पर रहने वाले लगभग सभी जीवित प्राणी की विशेषताओं में से एक सबमें समान है, और वह प्रजनन है। प्रजनन लैंगिक या अलैंगिक हो सकता है। लैंगिक प्रजनन उच्च जीवों की विशेषता है, जबकि अलैंगिक प्रजनन निम्न जीवों, जैसे सूक्ष्मजीवों, के लिए जरूरी है। पौधों और कुछ जानवरों लैंगिक या अलैंगिक जनन का उपयोग करने में सक्षम होते हैं| 

पौधों का अलैंगिक प्रजनन क्या है और इसकी विशेषताएं क्या हैं?

लैंगिक प्रजनन में नर और मादा का शामिल होना आवश्यक है जबकि अलैंगिक प्रजनन एक ही पौधे से होता है। इसलिए इसे समान प्रजनन भी कहा जा सकता है (यह वास्तव में एक क्लोनिंग है)।

अलैंगिक प्रजनन में पहले से विकसित एक पौधे की कोशिका (पादप कोशिका) या पौधे के शरीर के कुछ हिस्सों को अलग करना शामिल है, और जो कि माइटोटिक प्रक्रियाओं द्वारा, एक अन्य आनुवंशिक रूप से समान पौधे को जन्म देने में सक्षम होती हैं। अर्थात,

जब हम किसी पौधे के किसी भाग को काटकर (कलम) उसे कहीं और लगा देते हैं, तो वह अपने आप फिर से एक पौधे में विकसित हो जाता है, इसे ही पौधों का अलैंगिक जनन कहा जाता है। 

इस प्रक्रिया में सेक्स कोशिकाओं या युग्मकों के हस्तक्षेप के बिना ही नए पौधों का विकास किया जा सकता है। फफूंद और बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्म जीवों में भी इस प्रकार का प्रजनन संभव है।

पौधों में, लैंगिक और अलैंगिक दोनों तरह के प्रजनन देखे जा सकते हैं। बड़े पौधों में, प्रजनन बीज द्वारा सुनिश्चित किया जाता है, जबकि अलैंगिक प्रजनन के कई तरीके हैं।

[Read- Stomata in Hindi]

पौधों में अलैंगिक जनन कैसे होता है?

पौधों में अलैंगिक प्रजनन विभिन्न संरचनाओं या प्रजनन के कई तरीकों के माध्यम से हो सकता है:

स्टोलन (Stolons)

वनस्पति विज्ञान में स्टोलन एक पतला तना होता है, जो जमीन के साथ क्षैतिज रूप से बढ़ता है, जो दूरी वाली जड़ें बनाते हैं, और बाद में एक नए पौधे को जन्म देता है।

paudhon me alaingik janan

प्रकंद (Rhizomes)

ये अनिश्चित वृद्धि के तने/पौधे होते हैं, जो जमीन के नीचे या ऊपर विकसित होते हैं और नयी जड़ों को जन्म देते हैं, जिससे नए पौधे उगते हैं।

Asexual reproduction plants in Hindi

कलम (Cuttings)

कलम तनों के टुकड़े होते हैं, जिनसे नए पौधे विकसित होते हैं। ऐसा करने के लिए, कलम को जमीन के अंदर गाड़ दिया जाता है, और धीरे-धीरे ये सम्पूर्ण पौधे के रूप में विकसित हो जाते हैं।

कलम बांधना (Grafting)

इस विधि में एक पौधे के ऊतक को दूसरे पौधे ऊतकों के साथ जोड़ा जाता है,  जिससे दोनों के ऊतक आपस में मिल जाते हैं। इस प्रकार इस विधि से अलैंगिक प्रजनन द्वारा एक नए प्रकार के पौधे (Hybrid) तैयार किये जाते हैं।

पत्तियों और जड़ों द्वारा पौधों में अलैंगिक प्रजनन

कुछ प्रजातियों में ऐसे पत्ते होते हैं जो अलैंगिक प्रजनन का कार्य कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में, पौधे पत्तियों से तब तक जुड़े रहते हैं, जब तक कि वे पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हो जाते हैं और उन्हें अलग नहीं किया जा सकता।

कुछ बड़े होकर वे जमीन पर गिर जाते हैं, जहां वे जड़ लेते हैं। इस प्रकार एक नया पौधा विकसित होने लगता है।

स्पोरुलेशन (Sporulation)

इस प्रक्रिया में एक बीजाणु बनाता है, जो छोटे और फैलने में आसान होते हैं। जब बीजाणु को अनुकूल परिस्थितियाँ मिलती हैं, तो वह एक नए पौधे को जन्म देता है।

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अलैंगिक प्रजनन करने वाले पौधों के उदाहरण

कुछ पौधे अपनी संख्या को बढ़ाने के लिए अलैंगिक प्रजनन करते हैं। अलैंगिक प्रजनन करने वाले पौधे निम्नलिखित हैं:

आलू

आलू के पौधे दबे हुए तनों या कंदों के माध्यम से अलैंगिक प्रजनन करते हैं।

पत्थरचट्टा (Kalanchoe)

 ये गूदेदार पौधों की तरह के पौधे हैं जो आमतौर पर अंकुर रूप में प्रजनन करते हैं।

गन्ना

गन्ने का पौधा एक बहुत लोकप्रिय पौधा है, क्योंकि इस पौधे से चीनी बनती है। यह भी अलैंगिक प्रजनन करता है।

प्याज

यह सबसे लोकप्रिय खाद्य पौधों में से एक है, इसकी खेती पूरी दुनिया में की जाती है। इसका एक कारण इसका आसान प्रजनन है, इसकी जड़ से इसमें अलैंगिक प्रजनन किया जाता है।

ट्यूलिप (Tulip) 

यह वसंत ऋतु में फूलनेवाला पौधा है। इस प्रकार के पौधे आमतौर पर बल्बों (Bulbs) के माध्यम से अलैंगिक प्रजनन करते हैं।

सिंहपर्णी (Dandelions)

सिंहपर्णी आम तौर पर बीजाणुओं द्वारा अलैंगिक प्रजनन करते हैं।

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