Gupta Dynasty in Hindi गुप्त वंश का इतिहास

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Gupta Dynasty in Hindi गुप्त वंश का इतिहास

Gupta vansh history in hindi-

दोस्तों इस आर्टिकल में आप गुप्त साम्राज्य का संपूर्ण इतिहास जानेंगे, इसके अतिरिक्त गुप्त वंश में कौन कौन से शासक हुए, उनका प्रशासन तथा उनकी अर्थव्यवस्था, सामाजिक विकास, संस्कृति आदि के बारे में भी आप जानकारी प्राप्त करेंगे|

Gupta Dynasty History in Hindi-

गुप्त वंश के पूर्वजों और इस साम्राज्य के प्रारंभिक इतिहास के बारे में बहुत कम जानकारी इतिहासकारों को प्राप्त हुई है लेकिन प्रबल संभावना है कि यह परिवार शुरुआती दिनों में मगध के क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश के हिस्सों में निवास करता था और इन हिस्सों में इस परिवार का राजनीतिक नियंत्रण था| उत्तर प्रदेश गुप्त वंश के लिए एक महत्वपूर्ण प्रांत रहा था क्योंकि प्रारंभिक काल के गुप्त वंश के सिक्के और शिलालेख उत्तर प्रदेश के ही क्षेत्र में पाए गए हैं|

Gupta Samrajya History in Hindi-

गुप्त वंश का संस्थापक श्रीगुप्त था| श्रीगुप्त कुषाणों का सामंत था|

चंद्रगुप्त प्रथम ( 320 से 335 ई. )-
चंद्रगुप्त प्रथम को गुप्त वंश का वास्तविक संस्थापक माना जाता है| चंद्रगुप्त के पिता का नाम घटोत्कच था| चंद्रगुप्त ने महाराजाधिराज की उपाधि धारण की थी| चंद्रगुप्त का विवाह लिच्छवी राजकुमारी कुमार देवी से हुआ था| चंद्रगुप्त ने 319- 20 ईस्वी में गुप्त संवत चलाया था| चंद्रगुप्त के स्वर्ण सिक्कों को राजा रानी प्रकार या विवाह प्रकार कहा जाता है| चन्द्रगुप्त ने अपने शासनकाल में जो सिक्के चलाए थे उसमें चन्द्रगुप्त और कुमारदेवी के चित्र अंकित होते थे।

समुद्रगुप्त ( 335 से 380 ईसवी)-
चंद्रगुप्त प्रथम के बाद उसका पुत्र समुद्र गुप्त गुप्त साम्राज्य का शासक बना| समुद्रगुप्त के सामरिक विजय का विवरण हरिषेण के प्रशस्ति काव्य (प्रयाग प्रशस्ति) में मिलता है| समुद्रगुप्त के राज्यारोहण, विजय, उसके साम्राज्य विस्तार के सम्बन्ध में जानकारी हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग प्रशस्ति से प्राप्त होती है। समुद्रगुप्त का शासनकाल राजनीतिक एवं सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टियों से गुप्त साम्राज्य के उत्कर्ष का काल और स्वर्ण काल माना जाता है| विंसेंट स्मिथ ने समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा है| भारत के इतिहास में समुद्रगुप्त की कई विजयों का उल्लेख मिलता है और वह एक विजेता होने के साथ-साथ कवि, संगीतज्ञ, तथा विद्या का संरक्षक था| समुद्रगुप्त का शासन क्षेत्र बहुत ही विशाल था, उसका साम्राज्य उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में विन्ध्य पर्वत तक तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी से पश्‍चिम में पूर्वी मालवा तक फैला हुआ था। पश्‍चिमी पंजाब, कश्मीर, पश्‍चिमी राजपूताना, सिन्ध तथा गुजरात को छोड़कर समस्त उत्तर भारत इसमें सम्मिलित थे। दक्षिणापथ के शासक तथा पश्‍चिमोत्तर भारत की विदेशी शक्‍तियाँ समुद्रगुप्त की अधीनता स्वीकार करती थीं।

Gupta Dynasty History in Hindi language

**समुद्रगुप्त के बाद गुप्त साम्राज्य में रामगुप्त सम्राट बना, लेकिन रामगुप्त के राजा बनने में विभिन्‍न विद्वानों में मतभेद है। कुछ विद्वानों के मतानुसार रामगुप्त समुद्रगुप्त का बड़ा बेटा था और समुद्रगुप्त की मृत्यु के पश्चात वह राज गद्दी पर आसीन हुआ था| रामगुप्त एक कुशल शासक नहीं था जिस कारणवश उसने शासन कार्य को सुचारु रुप से नहीं चलाया और उसे पराजय का मुंह देखना पड़ा| ऐसा माना जाता है कि चंद्रगुप्त द्वितीय ने अपने बड़े भाई रामगुप्त की हत्या करके गुप्त वंश की राजगद्दी पर आसीन हुआ| कुछ विद्वानों के अनुसार चंद्रगुप्त द्वितीय ने रामगुप्त की पत्नी से विवाह कर लिया था|

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चंद्रगुप्त द्वितीय (375 से 412 ईसवी)
चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में गुप्त साम्राज्य अपने उत्कर्ष की चोटी पर पहुंचा| चंद्रगुप्त द्वितीय ने अपने युद्ध कौशल से कई राज्यों को जीता और इसके साथ-साथ उसने कई अन्य राज्यों के साथ अपने वैवाहिक संबंध भी स्थापित किए जिससे उसके साम्राज्य की सीमा का विस्तार बहुत अधिक बढ़ गया| भारत के इतिहास में चंद्रगुप्त द्वितीय को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, जैसे कि देवगुप्त, देव श्री, देवराज आदि इसके अतिरिक्त चंद्रगुप्त द्वितीय को उपाधियों से भी अलंकृत किया गया है जैसे कि विक्रमादित्य, विक्रमांक, परमभागवत आदि|
गुप्त वंश के शासक चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में कला और साहित्य का बहुत अधिक विकास हुआ और वह स्वयं साहित्य एवं कला के समर्थक थे| गुप्त साम्राज्य के किस काल को कला और साहित्य का स्वर्ण युग भी कहा जाता है| इसी काल में चीनी यात्री फाह्यान भारत आया था|
चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में नवरत्न थे और ऐसा माना जाता है कि अकबर ने अपने नवरत्नों को चंद्रगुप्त के नवरत्नों के आधार पर ही रखा था| चंद्रगुप्त द्वितीय के नवरत्नों के नाम- कालिदास, धन्वंतरि, क्षपणक, अमर सिंह, शंकु, बेताल भट्ट, घटकर्पर, वाराह मिहिर एवं वररुचि था|

कुमारगुप्त प्रथम (414-455 ई.)
चंद्रगुप्त द्वितीय के पश्चात कुमारगुप्त प्रथम गुप्त वंश का शासक बना| कुमारगुप्त और चंद्रगुप्त के मध्य में एक और शासक गोविंद गुप्त के नाम का जिक्र भी कुछ इतिहासकारों ने किया है| कुमारगुप्त का मंदसौर अभिलेख एक प्रशस्ति है जिसकी रचना वत्स भट्टि ने की थी| कुमारगुप्त के अंतिम दिनों में पुष्यमित्रों का आक्रमण हुआ| कुमारगुप्त के शासनकाल में ही विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी| गुप्त साम्राज्य के शासकों में सर्वाधिक अभिलेख कुमारगुप्त के ही मिलते हैं,उसने महेंद्रआदित्य, श्रीमहेंद्र तथा अश्वमेघ महेंद्र आदि उपाधियां धारण की थी|

स्कंद गुप्त (455 – 467 ई)
कुमारगुप्त प्रथम के उपरांत स्कंदगुप्त गुप्त साम्राज्य का शासक नियुक्त किया गया| उसके शासन संभालते ही हूणों का आक्रमण हुआ| इस युद्ध में हूणों की हार हुई और स्कंद गुप्त को सफलता प्राप्त हुई| सफलता का गुणगान जूनागढ़ के अभिलेखों में मिलता है| स्कंद गुप्त ने शक्रादित्य तथा परिक्षिप्तवाक्षा की उपाधि धारण की थी| स्कंद गुप्त ने 466 ईस्वी में चीनी सांग सम्राट के दरबार में राजदूत भेजे थे| स्कंद गुप्त सुदर्शन झील के पुनरुद्धार का कार्य सौराष्ट्र के गवर्नर पर्णदत्त के पुत्र चक्रपालित से करवाया था|

Gupta Empire Objective Questions in Hindi-

प्रश्न– गुप्त वंश की स्थापना कब हुई?
उत्तर– गुप्त वंश की स्थापना 319 ई. में हुई थी|

प्रश्न– गुप्त साम्राज्य की स्थापना किस शासक ने की थी?
उत्तर– गुप्त वंश की स्थापना श्री गुप्त ने की थी|

प्रश्न– ‘महाधिराज’ की उपाधि गुप्त वंश के किस शासक ने धारण की?
उत्तर– चन्द्रगुप्त प्रथम ने

प्रश्न– आर्यभट्ट किस वंश के समकालीन थे?
उत्तर– आर्यभट्ट गुप्त वंश के समकालीन थे|

प्रश्न– गुप्त शासनकाल में राजदरबारी भाषा क्या थी?
उत्तर– संस्कृत

प्रश्न– गुप्त वंश के किस शासक ने हूणों के आक्रमण को रोका था?
उत्तर– स्कंदगुप्त ने|

प्रश्न– गुप्त राजवंश किसके लिए प्रसिद्ध था?
उत्तर– कला एवं स्थापत्य के लिए

प्रश्न– अजंता व एलोरा कलाकृतियाँ किस राजवंश से संबधित है?
उत्तर– गुप्त काल से

प्रश्न– कालिदास किसके राजदरबारी कवि थे ?
उत्तर– चंदगुप्त द्वितीय‘विक्रमादित्य’

प्रश्न– अंजता चित्रकारी किस धर्म से सम्बंधित है ?
उत्तर– बौद्ध धर्म से

प्रश्न– एरण अभिलेख का संबंध किस शासक से है ?
उत्तर– भानुगुप्त से

प्रश्न– चीनी यात्री फाह्यान किसके शासन काल में भारत आया ?
उत्तर– चंदगुप्त द्वितीय

प्रश्न– भारतीय संस्कृति का स्वर्ण युग किस युग को कहा जाता है ?
उत्तर– गुप्त युग को

प्रश्न– ‘सेतुबंध’ की रचना किस वंश के शासक ने की ?
उत्तर– वाकाटक

प्रश्न– गुप्त वंश के किस शासक को कविराज कहा गया है ?
उत्तर– समुद्रगुप्त को

प्रश्न– गुप्त साम्राज्य का कौन सा शासक भारत के नेपोलियन के नाम से प्रसिद्ध है?
उत्तर– समुद्रगुप्त

प्रश्न– स्कंदगुप्त को किस लेख से ‘शक्रोपम’ कहा गया है ?
उत्तर– कहौमस्तम लेख

प्रश्न– गुप्त काल के सबसे लोकप्रिय देवता का नाम क्या था ?
उत्तर– विष्णु

प्रश्न– दिल्ली में स्थित ‘लौह स्तंभ’ किस सदी में निर्मित हुआ ?
उत्तर– चौथी सदी में

प्रश्न– फाह्यान द्वारा लिखित ग्रन्थ ‘फ़ो-को-की’ में किसका वर्णन मिलता है ?
उत्तर– बौद्ध धर्म के सिद्धांतो का

प्रश्न– ‘अमरकोष’ नामक ग्रन्थ की रचना किसने की और वे किस शासक से जुड़े थे ?
उत्तर– अमरकोश नामक ग्रंथ की रचना अमर सिंह ने की थी और यह चंद्रगुप्त द्वितीय से संबंधित है|

प्रश्न– हरिषेण गुप्त वंश के किस शासक का राजदरबारी कवि था ?
उत्तर– समुद्रगुप्त का

प्रश्न– गुप्त काल की सोने की मुद्रा को क्या कहा जाता था ?
उत्तर– दीनार

प्रश्न– ‘कुमारसंभव’ महाकाव्य के रचयिता का नाम क्या है ?
उत्तर– कालिदास

प्रश्न– नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना किस युग में हुई ?
उत्तर– गुप्त युग में

प्रश्न– गुप्त काल में भू-राजस्व की दर क्या थी ?
उत्तर– उपज का छठा भाग

प्रश्न– नगरों का क्रमिक पतन किस युग की विशेषता थी ?
उत्तर– गुप्त युग की

प्रश्न– किस वंश के शासकों ने मंदिरों और ब्राह्मणों को सबसे अधिक ग्राम अनुदान में दिए ?
उत्तर– गुप्त वंशके शासकों ने मंदिरों और ब्राह्मणों को सबसे अधिक गांव अनुदान में दिए थे|

प्रश्न– महरौली स्थित लौह स्तंभ किसकी स्मृति में है ?
उत्तर– महरोली स्थित लौह स्तंभ चंद्रगुप्त द्वितीय की स्मृति में निर्मित है|

प्रश्न– कालिदास द्वारा रचित ‘मालविकाग्निमित्र’ नाटक का नायक कौन था ?
उत्तर– अग्निमित्र

प्रश्न– समुद्रगुप्त की सैनिक उपलब्धियों का वर्णन किस अभिलेख में है ?
उत्तर– प्रयाग

प्रश्न– बाल विवाह की प्रथा कब आरंभ हुई ?
उत्तर– बाल विवाह की प्रथा गुप्त युग में आरंभ हुई थी|

प्रश्न– सर्वप्रथम कौन सा ग्रन्थ यूरोपीय भाषा में अनुवादित हुआ ?
उत्तर– अभिज्ञान शाकुंतलम

प्रश्न– सती प्रथा का प्रथम उल्लेख कहाँ से प्राप्त होता है ?
उत्तर– सती प्रथा का प्रथम उल्लेख एरण अभिलेख से प्राप्त होता है|

प्रश्न– गुप्तकालीन सिक्कों का सबसे बड़ा ढेर कहाँ से प्राप्त हुआ ?
उत्तर– बयाना (भरतपुर)

प्रश्न– नालंदा विश्वविद्यालय का संस्थापक किस शासक को माना जाता था ?
उत्तर– रूपक

प्रश्न– कालिदास की कौन – सी कृति की गिनती विश्व की सर्वाधिक प्रसिद्ध 100 कृतियों में की जाती है?
उत्तर– अभिज्ञान शाकुंतलम

प्रश्न– गुप्तकाल की प्रसिद्ध पुस्तक ‘नवनीतकम’ का संबंध किस क्षेत्र में हैं ?
उत्तर– चिकित्सा के क्षेत्र से

प्रश्न– तांबे के सिक्के जारी करने वाला प्रथम गुप्त शासक कौन था ?
उत्तर– रामगुप्त

प्रश्न– मिहिरकूल का संबंध किससे था ?
उत्तर– हूण से

प्रश्न– कौन – से गुप्त राजा ने विक्रमादित्य की उपाधि ग्रहण की थी ?
उत्तर– चंद्रगुप्त ||

प्रश्न– किस गुप्त शासक ने दक्षिण में 12 राज्यों पर विजय प्राप्त की ?
उत्तर– समुद्रगुप्त ने

प्रश्न– ‘सर्वराजोच्छेता’ की उपाधि किसने धारण की ?
उत्तर– समुद्रगुप्त ने

प्रश्न– चंद्रगुप्त प्रथम ने गुप्त संवत् की स्थापना कब की ?
उत्तर– 319 ई.

प्रश्न– गुप्त संवत् एवं शक संवत् में कितना अंतर है ?
उत्तर– 241 वर्ष

प्रश्न– किस वंश के शासकों ने चाँदी की मुद्राओं का प्रचलन किया ?
उत्तर– गुप्त वंश के शासकों ने

प्रश्न– किसने समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा था ?
उत्तर– विसेंट स्मिथ ने

प्रश्न– गुप्तकाल में प्रमुख शिक्षा केंद्र कौन – से थे ?
उत्तर– पाटलिपुत्र, उज्जयिनी

प्रश्न– गुप्तवंश का अंतिम शासक कौन था ?
उत्तर– विष्णुगुप्त

प्रश्न– सती होने का प्रमाण प्रथम बार कब मिला ?
उत्तर– 510 ई.

प्रश्न– ‘सूर्य सिद्धांत’ नामक ग्रन्थ किसने लिखा ?
उत्तर– आर्यभट्ट ने

प्रश्न– नालंदा विश्वविद्यालय किस स्थापना कब हुई ?
उत्तर– 415 – 454 ई.

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