भारत का संविधान Indian constitution in Hindi

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भारत का संविधान Indian constitution in Hindi

Bhartiya Samvidhan in Hindi, Indian constitution History (भारतीय संविधान का इतिहास) in Hindi language

किसी भी देश का संविधान का आधारभूत नियमों और कानूनों का संग्रह है जिसके आधार पर उस देश में शासन संचालित होता है, अर्थात हम यह कह सकते हैं कि संविधान सरकार की शासन का साधन है| शासन को सही ढंग से चलाने के लिए संविधान का होना अनिवार्य है, प्रजातांत्रिक देशों में संविधान का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है इस का प्रमुख कारण यह है कि संविधान सरकार को निरंकुश होने से रोकता है|

संविधान निर्मात्री सभा-
कैबिनेट मिशन योजना के तहत सन 1946 को संविधान सभा के चुनाव हुए, जिसमें 389 स्थानों में प्रांतों के लिए 296 स्थानों पर चुनाव हुए, जिसमें 211 स्थान कांग्रेस को 73 स्थान मुस्लिम लीग को, 4 स्थान अन्य दलों को प्राप्त हुए, 8 स्थान स्वतंत्र उम्मीदवारों को प्राप्त हुए तथा 93 स्थान भारतीय रियासतों के लिए सुरक्षित थे|
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई जिस के अस्थाई अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा थे किंतु इस बैठक में मुस्लिम लीग के लोग शामिल नहीं हुए थे| 11 दिसंबर 1946 को सभा का स्थाई अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को चुना गया|

भारतीय संविधान की विशेषताएं-

भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं अग्रलिखित है-

विशाल संविधान- भारत का संविधान (constitution of India) विश्व का सबसे विस्तृत एवं लिखित संविधान है| प्रारंभ में किस संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियां थी, वर्तमान में इसे संविधान में 26 भाग, लगभग 444 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां है|
लिखित एवं निर्मित- भारत का संविधान लिखित रूप से निर्मित किया गया है|
गणतंत्रात्मक राज्य- भारतीय संविधान के अनुसार भारत के प्रथम व्यक्ति (राष्ट्रपति) का पद वंशानुगत नहीं है, इस पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित की गई है|
जनता की शक्ति का स्रोत- भारतीय संविधान में जनता को ही समस्त शक्ति का केंद्र बिंदु बनाया गया है|
मौलिक कर्तव्यों का समावेश- भारतीय संविधान में 42वें संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा गया तथा 93वें संशोधन द्वारा 11वें मूल कर्तव्य को जोड़ा गया|
कठोर एवं लचीला संविधान- भारत का संविधान कठोर एवं लचीला दोनों ही प्रवृत्ति का है|
पंथनिरपेक्ष एवं समाजवादी- भारतीय संविधान (Indian constitution) पंथनिरपेक्ष एवं समाजवादी है और उन्हें 1976 में संविधान के 24वें संशोधन द्वारा शामिल किया गया था|
संघात्मक और एकात्मक तत्वों का समन्वय- भारत के संविधान में संघात्मक तथा एकात्मक दोनों तत्व पाए जाते हैं इसीलिए इसे अर्ध संघात्मक संविधान की कहा जाता है|
संसदात्मक लोकतंत्र- भारतीय संविधान के अनुसार वास्तविक कार्यपालिका की समस्त शक्ति प्रधानमंत्री के पास निहित होती है|

Bhartiya Samvidhan Indian constitution in Hindi language

भारतीय संविधान के स्रोत-

जैसा की हम सभी जानते हैं भारत का संविधान बहुत ही विस्तृत है अतः इस संविधान को बनाने में कई देशों के संविधान से सहायता ली गई है| भारतीय संविधान के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित है-
अमेरिका अमेरिका के संविधान से प्रायः न्यायपालिका स्वतंत्रता एवं मौलिक अधिकार के क्षेत्र में सहायता ली गई है|
कनाडा- कनाडा के संविधान से वहां की संघात्मक व्यवस्था एवं राज्यों में शक्ति विभाजन की व्यवस्था को भारतीय संविधान में सम्मिलित किया गया है|
ब्रिटेन- ब्रिटेन से शासन प्रणाली, विधि निर्माण एवं एकल नागरिकता को इस संविधान में सम्मिलित किया गया है|
आयरलैंड- आयरलैंड के संविधान से नीति निदेशक तत्वों को भारत के संविधान में समायोजित किया गया है|
जर्मनी- आपातकाल|
जापान- कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया|
फ़्रांस गणतंत्रात्मक शासन प्रणाली को फ्रांस के संविधान से लिया गया है|
दक्षिण अफ्रीका संविधान संशोधन प्रक्रिया को दक्षिण अफ्रीका के संविधान से लिया गया है|
रूस- रूस से मूल कर्तव्य एवं पंचवर्षीय योजनाओं को भारतीय संविधान में सम्मिलित किया गया|
ऑस्ट्रेलिया प्रस्तावना की भाषा एवं समवर्ती सूची को ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है|

संविधान सभा की प्रमुख समितियां-

संविधान सभा की प्रमुख समितियां एवं उनके अध्यक्ष निन्नलिखित है-
संचालन समिति- संचालन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद थे|
संघ शक्ति समिति- इस समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे|
प्रारूप समिति- प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉक्टर भीमराव अंबेडकर थे|
संघ संविधान समिति- इस समिति के अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरु थे|
प्रांतीय संविधान समिति- इस समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल थे|
झंडा समिति (मूल अधिकार उपसमिति)- अध्यक्ष जे पी कृपलानी|

प्रारूप समिति के सदस्य-

प्रारूप समिति में 7 सदस्य थे-
भीमराव अंबेडकर (अध्यक्ष), डी पी खेतान, गोपाल स्वामी अय्यर, कृष्णस्वामी अय्यर, कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी, मोहम्मद सैफुल्ला तथा एन माधवन|

भारतीय संविधान निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य-

  • बी एन राव को संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया था|
  • संविधान सभा का प्रथम अधिवेशन 9 दिसंबर 1946 को प्रारंभ हुआ| इस अधिवेशन में डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा को सर्वसम्मति से अस्थाई अध्यक्ष चुना गया|
  • 11 दिसंबर 1946 की बैठक में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को इस सभा का स्थाई अध्यक्ष चुना गया|
  • 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ प्रस्तुत कर संविधान की आधारशिला रखी थी|
  • संविधान के निर्माण का कार्य करने के लिए अनेक समितियां बनाई गई| इन समितियों में सबसे प्रमुख डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में बनी 7 सदस्यों वाली प्रारूप समिति थी|
  • प्रारूप समिति में डॉक्टर अंबेडकर के अलावा गोपालस्वामी, कृष्णास्वामी अय्यर, के एम मुंशी, मोहम्मद सादुल्लाह, डी पी खेतान और माधवराव शामिल थे|
  • भारत के संविधान को तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था|
  • भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को तैयार हो गया था परंतु इसके अधिकतर भागों को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया|
  • संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी और इसी दिन सभा द्वारा डॉ राजेंद्र प्रसाद को देश का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया था|
  • नवनिर्मित संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग तथा 8 अनुसूचियां थी|
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Anonymous

October 2, 2017 at 1:21 pm

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Anonymous

December 14, 2017 at 10:27 pm

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