Folk Dance (Lok Nritya) of India in Hindi

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Folk Dance (Lok Nritya) of India in Hindi

भारत के प्रमुख लोक नृत्य

जैसा कि हम सभी जानते हैं भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है, जिसमें तरह-तरह की विविधताएं समाहित है| जैसे-जैसे यहां के राज्य बदलते हैं वैसे वैसे यहां पर लोक नृत्य भी बदलते हैं| भारत में कई प्रकार के लोक नृत्य अलग-अलग राज्यों में प्रचलित है, भारत के प्रमुख लोकनृत्य रासलीला, भांगड़ा, गिद्दा, गरबा आदि है|

भारत के राज्यों के प्रमुख लोक नृत्यों (Folk dance of all state of India in Hindi) का वर्णन अग्रलिखित है-
चट्टा नृत्य-यह नृत्य उत्तरप्रदेश में मेलों एवं तमाशो में किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है|
होली नृत्य– यह नृत्य राजस्थान पंजाब एवं महाराष्ट्र में प्रमुखता से किया जाने वाला नृत्य है|
रासलीला– रासलीला उत्तरप्रदेश मणिपुर गुजरात आदि में प्रमुखता से की जाती है| यह नृत्य गोकुल, वृंदावन, मथुरा में भी इकतारा झांझा करताल ढोल मंजीरा के साथ किया जाता है|
भांगड़ा– भांगड़ा पंजाब प्रांत में वीर रस के नृत्यों में से सबसे प्रमुख नृत्य है| जिसका प्रचलन पूरे भारत में है|
गिद्दा– पंजाब में यह नृत्य मांगलिक अवसरों पर किया जाता है|
थाली नृत्य– यह नृत्य प्रमुखता से उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में किया जाता है|
गोक नृत्य– यह नृत्य महाराष्ट्र में मुख्यतः महिलाओं का प्रमुख लोकनृत्य है|
कोली नृत्य– यह नृत्य महाराष्ट्र के पश्चिम घाट के मछुआरों में बहुत अधिक प्रचलित है|
गौरीचा– गौरीचा नृत्य महाराष्ट्र के किसानों का धार्मिक लोकनृत्य है|

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bharat ke pramukh lok nritya folk dance of all state india in hindi

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शिकारी लोकनृत्य- असम एवं बंगाल की पहाड़ियों के भीलों का यह भील नृत्य है, अतः इसे शिकारी नृत्य भी कहा जाता है|
लावणी नृत्य- यह महाराष्ट्र का आंचलिक नृत्य है|
पंडवानी नृत्य- यह नृत्य मध्य प्रदेश के छत्तीसगढ़ अंचल में प्रचलित है|
थपयम नृत्य- यह नृत्य केरल का 150 स्वरूपों वाला नृत्य है|
गरबा- गरबा गुजरात का प्रमुख लोक नृत्य है|
वीरगासे कुनिता- यह नृत्य कर्नाटक की नृत्य शक्ति एवं शौर्य का प्रतीक है|
बैम्बू नृत्य- बैम्बू नृत्य नागालैंड के आदिवासियों का प्रमुख लोकनृत्य है|
टिपरी- यह नृत्य महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश एवं गुजरात का रास नृत्य है|
डांडिया नृत्य- यह नृत्य गुजरात प्रांत का प्रसिद्ध लोक नृत्य है|
यक्षगान- कर्नाटक की संपन्न नाट्य शैली को हम यक्षगान के नाम से जानते हैं|
झांझी नृत्य- यह नृत्य राजस्थान का पारंपरिक लोक नृत्य है|
छपेली नृत्य- कुमायूं का सर्वाधिक लोकप्रिय नृत्य छपेली नृत्य है|
घूमर- यह नृत्य राजस्थान का पारंपरिक एवं मांगलिक लोकनृत्य है|
पादायनी- पादायनी नृत्य केरल के ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में आयोजित किया जाने वाला नृत्य है|
दीपक नृत्य- यह नृत्य गुजरात प्रांत में नवरात्रि पर्व पर किया जाने वाला नृत्य है|
बिट्ट नृत्य- पूर्वोत्तर असम राज्य का खासी कचारी जातियों का यह प्रमुख लोकनृत्य है|
काला नृत्य- यह नृत्य गोकुल अष्टमी पर महाराष्ट्र में प्रचलित है|
गढ़वाली नृत्य- यह नित्य गढ़वाली लोगों में प्रचलित है|
पंथी नृत्य- मध्यप्रदेश के छत्तीसगढ़ स्थित सतनामी समुदाय का यह आनुष्ठानिक नृत्य है|
राऊ नृत्य- जम्मू एवं कश्मीर की स्त्रियों द्वारा किए जाने वाला यह लोक नृत्य बहुत अधिक प्रचलित है|
कालारी पायतु- जिमनास्टिक एवं पायात युद्ध कला को प्रदर्शित करने वाला यह नृत्य केरल का नृत्य है|
पणिहारी नृत्य- गुजरात का गागर लौटी नाम से प्रचलित |

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1 Comment

Pk

June 8, 2019 at 10:15 pm

Bhut achhi post likhte h sir aap….

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