Bhakti and Sufi Andolan Movement History in Hindi

  • 0

Bhakti and Sufi Andolan Movement History in Hindi

भक्ति आंदोलन एवं सूफी आंदोलन का भारत के इतिहास में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान था| इन आंदोलनों ने समाज में फैली हुई कुरीतियों का दमन किया और भारत के जनमानस को जाति-पाति छुआछूत जैसी बुराइयों से दूर किया|

भक्ति आंदोलन का इतिहास-

Bhakti Andolan History in Hindi– भक्ति आंदोलन जाति विभाजन के खिलाफ प्रतिक्रिया के रूप में उभरा; मध्यकालीन भारत (13 वीं से 18 वीं शताब्दी) में अस्पृश्यता और अनुष्ठान। हालांकि यह हिंदू धर्म तक काफी हद तक सीमित था; कुछ पहलुओं को सिख, इस्लाम, जैन इत्यादि सहित अन्य धर्मों में प्रवेश किया गया।

भक्ति आंदोलन उस समय भारत के समाज में उभरा जब भारत के लोग धर्म, जाति, संप्रदाय आदि वर्गों में विभाजित हो गए थे| यह एक ऐसा आंदोलन था जिसने समाज में फैली छुआछूत जैसी कई बुराइयों से लड़ने के लिए भारतीय जनमानस को प्रेरित किया| भक्ति आंदोलन मध्यकालीन भारत के इतिहास में 8वीं से 18 वीं शताब्दी के बीच उभरकर सामने आया| हालांकि यह आंदोलन ज्यादातर हिंदू धर्म के इर्द-गिर्द ही फैला था परंतु यह सिख, इस्लाम, जैन आदि धर्मों में भी धीरे-धीरे बढ़ता गया| भक्ति आंदोलन का सर्वप्रथम उदय दक्षिण के प्रदेशों में हुआ था और उसके बाद यह धीरे-धीरे बढ़ते हुए उत्तर भारत तक फैल गया| यह आंदोलन दक्षिण से होते हुए महाराष्ट्र और उसके बाद गुजरात तक फैला| भक्ति आंदोलन का इतिहास महान धर्म सुधारक शंकराचार्य के समय से प्रारंभ होता है| शंकराचार्य ने बौद्ध धर्म के प्रभाव को समाप्त करने के लिए 8 वीं शताब्दी में अद्वैतवादी दर्शन का प्रतिपादन किया था| इसके बाद भक्ति आंदोलन पुनः 15वीं शताब्दी के आसपास प्रारंभ हुआ और इस समय इस आंदोलन के नेतृत्व की बागडोर संत कबीर दास, गुरु नानक, तुलसीदास, सूरदास, मीराबाई, श्री चैतन्य, वल्लभाचार्य, नामदेव आदि के हाथों में थी| इन लोगों ने उस समय के मानव जीवन में व्याप्त जाति धर्म से संबंधित बुराइयों को अपने लेखन और दर्शन से दूर करने की कोशिश की| उस समय के महान संतों ने देश के अनेक राज्यों में भ्रमण किया और वहां के जनमानस को अपने विचारों से अवगत कराया|

Bhakti and Sufi Adolan History in Hindi

सूफी आंदोलन का इतिहास-

Sufi Andolan History in Hindi– सूफी आंदोलन 14वीं से 16वीं शताब्दी के बीच का एक सामाजिक एवं धार्मिक आंदोलन था| यह आंदोलन उन संतों के द्वारा चढ़ाया गया जो अपरंपरागत मुस्लिम थे, और इन संतों ने भारत के दर्शन और बौद्ध धर्म की शिक्षाओं का गहरा अध्ययन किया था| मुस्लिम संत भारत की हिंदू धर्म के अनेक पूजा पाठ, महान ऋषि एवं साधनों के संपर्क में आए थे और वह हिंदू धर्म को काफी बारीकियों से जानते थे| संतों ने हिंदू धर्म के विचारों से इस्लाम धर्म के विचारों को मिलाना प्रारंभ किया| अतः हम यह कह सकते हैं कि सूफी आंदोलन इस्लाम पर हिंदू प्रभावों का परिणाम था| सूफी संत मुसलमान थे फिर भी वे रूढ़िवादी मुस्लिमों से अलग थे| सूफी आंदोलन में मुसलमानों और हिंदुओं को प्रभावित किया था और इन आंदोलनों ने दोनों धर्म के अनुयायियों को एक आम मंच प्रदान किया था| सूफी आंदोलन की बागडोर ख्वाजा मुनुद्दीन चिस्ती, फरीद-उद-दीन गंज-ए-शकर, निजाम-उद-दीन औलिया के हाथों में थी|

Bhakti and Sufi Adolan History Questions in Hindi-

प्रश्न- भक्ति आंदोलन का प्रारंभ किसके द्वारा किया गया था?
उत्तर- भक्ति आंदोलन का प्रारंभ आलवार संतों द्वारा किया गया था| भक्ति आंदोलन का प्रारंभ महान दार्शनिक शंकराचार्य के उदय के साथ माना जाता है|

प्रश्न- भारत में भक्ति संस्कृति का पुनर्जन्म कब हुआ था?
उत्तर- भक्ति संस्कृत का प्रारंभ आठवीं शताब्दी से माना गया है और इस का पुनर्जन्म 15 वीं और 16 वीं शताब्दी में हुआ था|

प्रश्न- मीराबाई एवं बुद्ध के जीवन दर्शन में मुख्य साम्य क्या था?
उत्तर- मीराबाई एवं बुद्ध दोनों ने संसार को दुख पूर्ण माना है, अतः हम यह कह सकते हैं कि मीराबाई एवं बुद्ध के जीवन दर्शन में प्रमुख समानता “ संसार को दुख पूर्ण” मानना है|

प्रश्न- मीराबाई का जन्म कब हुआ था?
उत्तर- मीराबाई का जन्म 1498 में हुआ था|

प्रश्न- “कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति से उसका धर्म संप्रदाय या जाति न पूछें” यह कथन किस संत का है?
उत्तर- यह कथन संत रामानंद जी का है|

प्रश्न- भक्ति काल के सभी संतो में एक समान विशेषता क्या थी?
उत्तर- भक्ति काल के सभी संतों में एक समान विशेषता थी और वह विशेषताएं थी कि वह अपनी वाणी को उसी भाषा में लिखा करते थे जिसे उनके भक्त समझते थे|

प्रश्न- कामरूप में वैष्णव धर्म को किसने लोकप्रिय बनाया?
उत्तर- कामरूप असम राज्य में स्थित है और वहां पर वैष्णव धर्म को लोकप्रिय करने का श्रेय शंकरदेव को जाता है|

प्रश्न- असम तथा बिहार में वैष्णव धर्म का प्रवर्तन किसने किया था?
उत्तर- असम तथा बिहार में वैष्णव धर्म का प्रवर्तन शंकरदेव ने किया था|

प्रश्न- रामानुजाचार्य के मत को क्या कहा जाता है?
उत्तर- रामानुजाचार्य के मत को विशिष्टाद्वैत के नाम से जाना जाता है|

Bhakti Andolan and Sufi Movement History Questions in Hindi

प्रश्न- शुद्ध अद्वैतवाद का प्रतिपादन किसने किया था?
उत्तर- शुद्ध अद्वैतवाद के प्रतिपादन का फ्रेम वल्लभाचार्य जी को जाता है|

प्रश्न- द्वैतवाद के प्रतिपादन का श्रेय किसको जाता है?
उत्तर- द्वैतवाद के प्रवर्तक माधवाचार्य जी हैं|

प्रश्न- पुष्टिमार्ग का दर्शन किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया था?
उत्तर- वल्लभाचार्य जी के द्वारा|

प्रश्न- भक्ति काल के किस संत ने अपने संदेश के प्रचार के लिए सबसे पहले हिंदी भाषा का प्रयोग किया था?
उत्तर- रामानंद जी|

प्रश्न- कबीर दास जी का जन्म कब हुआ था?
उत्तर- कबीर दास जी का जन्म 1398 ईस्वी में हुआ था|

प्रश्न- कबीरदास के गुरु का नाम क्या था?
उत्तर- रामानंद जी|

प्रश्न- रामानंद जी का जन्म कहां हुआ था?
उत्तर- रामानंद जी का जन्म उत्तर प्रदेश के जिले इलाहाबाद ( प्रयाग) में हुआ था|

प्रश्न- बीजक किसके दोहों का संकलन है?
उत्तर- बीजक संत कबीर दास के दोहे का संकलन है|

प्रश्न- कबीर एवं धर्मदास के मध्य संवादों के संकलन का शीर्षक क्या है?
उत्तर- कबीर एवं धर्मदास के मध्य संवादों के संकलन का शीर्षक अमरमूल है|

प्रश्न- मलूक दास का जन्म कहां हुआ था?
उत्तर- मलूकदास का जन्म उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के काला नामक स्थान पर हुआ था|

प्रश्न- संत घासीदास के पिताजी का नाम क्या था?
उत्तर- संत घासीदास के पिताजी का नाम महंगू था| इनका जन्म छत्तीसगढ़ के जिले रायपुर के गिरोदपुरी गांव में हुआ था|

प्रश्न- भगवान शिव की प्रतिष्ठा में कितने ज्योतिर्लिंग स्थापित किए हैं?
उत्तर- भगवान शिव की प्रतिष्ठा में 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित किए गए हैं|

प्रश्न- रामानुज के अनुयायियों को क्या कहा जाता है?
उत्तर- रामानुज के अनुयायियों को वैष्णव कहा जाता है|

प्रश्न- गुरु नानक जी का जन्म कब हुआ था?
उत्तर- गुरु नानक जी का जन्म 1469 ईस्वी में हुआ था|

प्रश्न- गुरु नानक जी का जन्म कहां हुआ था?
उत्तर- गुरु नानक जी का जन्म तलवंडी के निकट ननकाना में हुआ था|

प्रश्न- गुरु नानक जी की मृत्यु कब और कहां हुई थी?
उत्तर- गुरु नानक जी की मृत्यु 1539 ईसवी में डोराबाबा नामक स्थान पर हुई थी|

प्रश्न- गुरु नानक जी ने सिख धर्म की स्थापना किसके शासनकाल में की थी?
उत्तर- गुरु नानक जी ने सिख धर्म की स्थापना लोदी वंश के शासक सिकंदर लोदी के शासनकाल में की थी|

प्रश्न- गुरु नानक जी किसकी उपासना पर बल देते थे?
उत्तर- गुरु नानक जी एकेश्वरवाद में विश्वास करते थे तथा वह निर्गुण ब्रह्म की उपासना करने पर बल देते थे|

प्रश्न- मीराबाई किसके समकालीन श्री?
उत्तर- मीराबाई, तुलसीदास के समकालीन थी|

प्रश्न- मीराबाई का विवाह किसके साथ हुआ था?
उत्तर- मीराबाई का विवाह उदयपुर के प्रसिद्ध शासक राणा सांगा के पुत्र युवराज भोजराज से हुआ था|

प्रश्न- नामदेव का जन्म कब हुआ था?
उत्तर- नामदेव का जन्म 1270 ईस्वी में पंढरपुर में हुआ था|

प्रश्न- चैतन्य महाप्रभु का संबंध किस संप्रदाय से है?
उत्तर- चैतन्य महाप्रभु का संबंध वैष्णव समुदाय से है|

प्रश्न- तुलसीदास मुगल शासकों के समकालीन थे?
उत्तर- तुलसीदास मुगल साम्राज्य के शासक अकबर तथा जहांगीर के समकालीन थे|

प्रश्न- नामदेव का संबंध किस संप्रदाय से है?
उत्तर- नामदेव का संबंध वरकरी संप्रदाय से है|

प्रश्न- भक्त तुकाराम का जन्म कब हुआ था और वह किस मुगल सम्राट के समकालीन थे?
उत्तर- तुकाराम का जन्म 408 ईस्वी में हुआ था और वह जहांगीर के समकालीन थे|

Read More History Questions and Answers from Bhakti Andolan and Sufi Movement in Hindi-

प्रश्न- चिश्तिया सूफीमत को भारत में किसने स्थापित किया था?
उत्तर- भारत में चिश्तिया सूफी मत का प्रचार सर्वप्रथम ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के द्वारा हुआ था|

प्रश्न- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती किसकी सेना के साथ भारत आए थे?
उत्तर- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती मोहम्मद गौरी की सेना के साथ भारत आए थे|

प्रश्न- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का निवास स्थान क्या था?
उत्तर- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का निवास स्थान अजमेर (राजस्थान का जिला) था|

प्रश्न- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म कब हुआ था?
उत्तर- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म 1142 ईस्वी में अफगानिस्तान में हुआ था|

प्रश्न- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती किसके शिष्य थे?
उत्तर- ख्वाजा उस्मान हारूनी|

प्रश्न- शेख निजामुद्दीन औलिया किसके शिष्य थे?
उत्तर- शेख निजामुद्दीन औलिया बाबा फरीद के शिष्य थे|

प्रश्न- बाबा फरीद का पूरा नाम क्या था?
उत्तर- बाबा फरीद का पूरा नाम हजरत बाबा फरीद उद्दीन मसूद गंज शकर था|

प्रश्न- शेख निजामुद्दीन औलिया की दरगाह कहां स्थित है?
उत्तर- शेख निजामुद्दीन औलिया की दरगाह दिल्ली में स्थित है|

प्रश्न- बाबा फरीद के दो प्रमुख शिष्यों के नाम क्या है?
उत्तर- बाबा फरीद के दो प्रमुख कवियों के नाम हजरत निजामुद्दीन औलिया तथा हजरत अलाउद्दीन साबिर थे|

प्रश्न- “भारत का सादी” किसे कहा जाता है?
उत्तर- अमीर हसन को भारत का सादी कहा जाता है|

प्रश्न- निजामुद्दीन औलिया ने किस सुल्तान से भेंट करने के लिए मना कर दिया था?
उत्तर- अलाउद्दीन खिलजी|

प्रश्न- महबूब ए इलाही किसको कहा जाता है?
उत्तर- शेख निजामुद्दीन औलिया को महबूब-ए-इलाही के नाम से जाना जाता है|

प्रश्न- किस व्यक्ति ने दिल्ली के सात सुल्तानों का शासन देखा था?
उत्तर- शेख निजामुद्दीन औलिया ने दिल्ली के सात सुल्तानों का शासन काल देखा था| शेख निजामुद्दीन औलिया को सुल्तान-उल-औलिया के नाम से भी जाना जाता है|

प्रश्न- किस सूफी संत के विचारों को सिख धर्म के ग्रंथ “आदि ग्रंथ” में संकलित किया गया है?
उत्तर- फरीदुद्दीन-गंज-ए-शकर के विचारों को आदि ग्रंथ में संकलित किया गया है|

प्रश्न- प्रसिद्ध संत सलीम चिश्ती का निवास स्थान क्या था?
उत्तर- सलीम चिश्ती फतेहपुर सीकरी में रहते थे|

प्रश्न- शेख-उल-हिंद की पदवी किसे प्रदान की गई थी?
उत्तर- शेख-उल-हिंद की पदवी सलीम चिश्ती को प्रदान की गई थी|

प्रश्न- सूफीवाद के सिलसिले में कौन संगीत के विरुद्ध था?
उत्तर- नक्शबन्दियां

प्रश्न- किस सूफी संत ने कृष्ण को औलिया के रूप में माना है|
उत्तर- शाह मोहम्मद गौस ने कृष्ण को औलिया के रूप में माना है|

प्रश्न- बारहमासा की रचना किसने की थी?
उत्तर- बारहमासा की रचना मलिक मोहम्मद जायसी ने की थी|

प्रश्न- प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार पर मेला कहां लगता है?
उत्तर- हाजी वारिस अली शाह की मजार देवा शरीफ में मेला लगता है|

Bhakti Andolan History in Hindi
Sufi Andolan History in Hindi

Share this with your friends--

Leave a Reply